1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. देश
  4. रौद्र मंदाकिनी ने चित्रकूट-सतना में मचाई तबाही, पीछे छोड़ गई विनाशकारी निशानियां; PHOTOS देखें

रौद्र मंदाकिनी ने चित्रकूट-सतना में मचाई तबाही, पीछे छोड़ गई विनाशकारी निशानियां; PHOTOS देखें

बीते दो दिनों से सतना और चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। इस दौरान मंदाकिनी ने पूरी इलाके में भारी तबाही मचाई। हालांकि अब मंदाकिनी शांत हो रही है, लेकिन इसके साथ ही भयावहता की तस्वीरें भी निकल कर आ रही हैं।

Written By: Amar Deep
Published : Aug 30, 2026 09:32 pm IST,  Updated : Aug 30, 2026 09:32 pm IST
चित्रकूट और सतना में बीते दिनों मां मंदाकिनी का रौद्र रूप देखने को मिला। हालांकि अब धीरे-धीरे मंदाकिनी का रौद्र रूप शांत पड़ने लगा है। नदी का जलस्तर नीचे आया है, घाटों पर पानी का उफान थमा है और जिंदगी वापस पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही है।
1/8 Image Source : Reporter Input
चित्रकूट और सतना में बीते दिनों मां मंदाकिनी का रौद्र रूप देखने को मिला। हालांकि अब धीरे-धीरे मंदाकिनी का रौद्र रूप शांत पड़ने लगा है। नदी का जलस्तर नीचे आया है, घाटों पर पानी का उफान थमा है और जिंदगी वापस पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही है।
हालांकि बाढ़ का पानी उतरते ही तबाही का असली चेहरा सामने आने लगा है। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक जिंदगी की चहल-पहल थी, वहां अब कई-कई फीट तक कीचड़ जमा है। सड़कें कचरे, गाद और मलबे से अटी हैं। लोग अपने हाथों से घरों से पानी और कीचड़ निकाल रहे हैं।
2/8 Image Source : Reporter Input
हालांकि बाढ़ का पानी उतरते ही तबाही का असली चेहरा सामने आने लगा है। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक जिंदगी की चहल-पहल थी, वहां अब कई-कई फीट तक कीचड़ जमा है। सड़कें कचरे, गाद और मलबे से अटी हैं। लोग अपने हाथों से घरों से पानी और कीचड़ निकाल रहे हैं।
मंदाकिनी नदी में करीब 30 फीट का उफान आया था। हालात इतने भयावह हो गए थे कि चित्रकूट के कई हिस्सों में एक मंजिल तक के मकान पानी में डूब गए। जान बचाने के लिए लोग घर छोड़कर छतों पर पहुंच गए। कई परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों और आश्रय स्थलों में पहुंचाया।
3/8 Image Source : Reporter Input
मंदाकिनी नदी में करीब 30 फीट का उफान आया था। हालात इतने भयावह हो गए थे कि चित्रकूट के कई हिस्सों में एक मंजिल तक के मकान पानी में डूब गए। जान बचाने के लिए लोग घर छोड़कर छतों पर पहुंच गए। कई परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों और आश्रय स्थलों में पहुंचाया।
बाढ़ की वजह से कई जगहों पर बिजली के खंभे जगह-जगह टूटे पड़े हैं। कई इलाकों में दो दिनों से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। मध्यप्रदेश हो या उत्तरप्रदेश का चित्रकूट क्षेत्र, दोनों तरफ लोग बिजली और बुनियादी सुविधाओं की बहाली का इंतजार कर रहे हैं।
4/8 Image Source : Reporter Input
बाढ़ की वजह से कई जगहों पर बिजली के खंभे जगह-जगह टूटे पड़े हैं। कई इलाकों में दो दिनों से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। मध्यप्रदेश हो या उत्तरप्रदेश का चित्रकूट क्षेत्र, दोनों तरफ लोग बिजली और बुनियादी सुविधाओं की बहाली का इंतजार कर रहे हैं।
बाढ़ की भयावहता ने चित्रकूट की पहचान से जुड़े कई स्थानों को भी नुकसान पहुंचाया है। रामघाट पर बना पुल टूटकर मंदाकिनी नदी में जा गिरा है। वहीं तुलसीदास की प्रतिमा भी बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गई। प्रतिमा का कंधे के ऊपर का हिस्सा बह गया।
5/8 Image Source : Reporter Input
बाढ़ की भयावहता ने चित्रकूट की पहचान से जुड़े कई स्थानों को भी नुकसान पहुंचाया है। रामघाट पर बना पुल टूटकर मंदाकिनी नदी में जा गिरा है। वहीं तुलसीदास की प्रतिमा भी बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गई। प्रतिमा का कंधे के ऊपर का हिस्सा बह गया।
बाढ़ के दौरान राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया गया। दो हेलिकॉप्टर और सुरक्षा एवं बचाव दलों की मदद से करीब 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने नाव चालकों के साथ मिलकर जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई। कई जगह जवानों ने बच्चों और बुजुर्गों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
6/8 Image Source : Reporter Input
बाढ़ के दौरान राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया गया। दो हेलिकॉप्टर और सुरक्षा एवं बचाव दलों की मदद से करीब 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने नाव चालकों के साथ मिलकर जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई। कई जगह जवानों ने बच्चों और बुजुर्गों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार सुबह चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से बातचीत की और राहत सामग्री वितरित कराई। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है और प्रभावितों को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
7/8 Image Source : Reporter Input
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार सुबह चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से बातचीत की और राहत सामग्री वितरित कराई। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है और प्रभावितों को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
मंदाकिनी अब शांत है। घाटों पर पानी का शोर कम हो गया है, लेकिन चित्रकूट के घरों में जमा कीचड़, टूटी सड़कें, उखड़े बिजली के खंभे, क्षतिग्रस्त पुल और बर्बाद हुई गृहस्थियां उस बाढ़ की कहानी खुद बयां कर रही हैं। अब राहत और बचाव के बाद सबसे बड़ी चुनौती पुनर्वास और पुनर्निर्माण की है। (इनपुट- अमित त्रिपाठी)
8/8 Image Source : Reporter Input
मंदाकिनी अब शांत है। घाटों पर पानी का शोर कम हो गया है, लेकिन चित्रकूट के घरों में जमा कीचड़, टूटी सड़कें, उखड़े बिजली के खंभे, क्षतिग्रस्त पुल और बर्बाद हुई गृहस्थियां उस बाढ़ की कहानी खुद बयां कर रही हैं। अब राहत और बचाव के बाद सबसे बड़ी चुनौती पुनर्वास और पुनर्निर्माण की है। (इनपुट- अमित त्रिपाठी)
Advertisement